ब्रेकिंग
अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ... जिला स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया हर दीवार दे रही स्वच्छता का संदेश, रंगों में बस रही शहर की नई पहचान,
भिलाई

महापौर परिषद की बैठक दस्तावेज नहीं होने पर जाति और निवास बनाने निगम बनेगा सेतु

रिसाली| नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोगों का जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने निगम अनुशंसा करेगा, जिनके पास दस्तावेज का अभाव है। महापौर शशि सिन्हा की अध्यक्षता वाली परिषद ने उद्घोषणा जारी करने संबंधी विषय को सर्व सम्मति से पारित किया है।

सोमवार को हुए महापौर परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया है कि निगम ऐसे लोगों की सूची तैयार कर उद्घोषणा जारी करेगा जो दस्तावेज के अभाव में जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बना पा रहे है। उद्घोषणा पत्र की औपचारिकता पूरी करने के बाद सूची को कलेक्टर, तहसील कार्यालय, सहायक आयुक्त के समक्ष प्रमाण पत्र बनाने प्रस्तुत किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि अनुसुचित जाति, जन जाति को प्रमाण पत्र बनाने 1950 के पूर्व का दस्तावेज और अन्य पिछड़ा वर्ग को 1984 के पूर्व का दस्तावेज अनिवार्य है। नगरीय निकाय क्षेत्र में रहने वाले ऐसे कई लोग है जिनका दस्तावेज के अभाव में अब तक प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है।

एमआईसी बैठक में सभापति केशव बंछोर, परिषद के सद्स्य जहीर अब्बास, सनीर साहू, अनिल देशमुख, चन्द्रप्रकाश सिंह निगम, संजू नेताम, परमेश्वर वैष्णव, ममता यादव, डाॅ. सीमा साहू, निगम आयुक्त मोनिका वर्मा व विभाग प्रभारी उपस्थित थे।

टैक्स कलेक्शन बैंक के साफ्टवेयर से
रिसाली निगम अब टैक्स कलेक्शन करने बैंक की मदद लेगा। इसके लिए औपचारिकता पूरी की जाएगी। महापौर पिरषद ने इसके लिए अनुमति भी दे दी है। राजस्व विभाग प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि करदाताओं की संपूर्ण जानकारी बैंक के माध्यम से लिए साफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। इसके बाद निगम के कर्मचारी टैक्स वसूली करेगा। इस कार्य से निगम को प्रतिवर्ष 60 से 65 लाख रूपए की बचत होगी।

चार हिस्सों में होगी सफाई

महापौर परिषद ने निर्णय लिया है कि निगम सफाई कार्य के लिए जल्द ही निविदा निकाले। रिसाली निगम को चार हिस्सों में विभक्त कर अब निविदा का प्रकाशन किया जाएगा। वर्त

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button