ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
भिलाई

महापौर परिषद की बैठक दस्तावेज नहीं होने पर जाति और निवास बनाने निगम बनेगा सेतु

रिसाली| नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र में रहने वाले ऐसे लोगों का जाति और निवास प्रमाण पत्र बनाने निगम अनुशंसा करेगा, जिनके पास दस्तावेज का अभाव है। महापौर शशि सिन्हा की अध्यक्षता वाली परिषद ने उद्घोषणा जारी करने संबंधी विषय को सर्व सम्मति से पारित किया है।

सोमवार को हुए महापौर परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया है कि निगम ऐसे लोगों की सूची तैयार कर उद्घोषणा जारी करेगा जो दस्तावेज के अभाव में जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं बना पा रहे है। उद्घोषणा पत्र की औपचारिकता पूरी करने के बाद सूची को कलेक्टर, तहसील कार्यालय, सहायक आयुक्त के समक्ष प्रमाण पत्र बनाने प्रस्तुत किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि अनुसुचित जाति, जन जाति को प्रमाण पत्र बनाने 1950 के पूर्व का दस्तावेज और अन्य पिछड़ा वर्ग को 1984 के पूर्व का दस्तावेज अनिवार्य है। नगरीय निकाय क्षेत्र में रहने वाले ऐसे कई लोग है जिनका दस्तावेज के अभाव में अब तक प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है।

एमआईसी बैठक में सभापति केशव बंछोर, परिषद के सद्स्य जहीर अब्बास, सनीर साहू, अनिल देशमुख, चन्द्रप्रकाश सिंह निगम, संजू नेताम, परमेश्वर वैष्णव, ममता यादव, डाॅ. सीमा साहू, निगम आयुक्त मोनिका वर्मा व विभाग प्रभारी उपस्थित थे।

टैक्स कलेक्शन बैंक के साफ्टवेयर से
रिसाली निगम अब टैक्स कलेक्शन करने बैंक की मदद लेगा। इसके लिए औपचारिकता पूरी की जाएगी। महापौर पिरषद ने इसके लिए अनुमति भी दे दी है। राजस्व विभाग प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि करदाताओं की संपूर्ण जानकारी बैंक के माध्यम से लिए साफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। इसके बाद निगम के कर्मचारी टैक्स वसूली करेगा। इस कार्य से निगम को प्रतिवर्ष 60 से 65 लाख रूपए की बचत होगी।

चार हिस्सों में होगी सफाई

महापौर परिषद ने निर्णय लिया है कि निगम सफाई कार्य के लिए जल्द ही निविदा निकाले। रिसाली निगम को चार हिस्सों में विभक्त कर अब निविदा का प्रकाशन किया जाएगा। वर्त

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button